बुधवार, 23 अप्रैल 2008

बेटियाँ


बेटियाँ
तुम सोचते रह जाओगे,
और वह तुम्हारी सोच को पछाडती
निकल जाएगी बहुत आगे/सितारो से परे!
तुम देखते रह जाओगे,
और वह तुम्हारी आँखों को लताडती
नाप ले जाएगी/क्षितिज की भी दूरियाँ
तुम समझते रह जाओगे,
और वह तुम्हारे दिमाग की सीढियाँ लाघँती
चढ जाएगी बहुत ऊँचे/शिखर शिरोमणि पर।
तुम परखते रह जाओगे,
और वह तुम्हारी विद्वत्ता को ठेंगा दिखाती बन जाएगी बडी विदुषी/
इस दुनियादारी में।
तुम जाँचते रह जाओगे
और वह तुम्हारी तमाम परीक्षाओ को मुँह चिढाती
सिध्द कर देंगी/ अपनी सर्वश्रेष्ठता।
तुम संभालते रह जाओगे
और वह तुम्हारी सारी जिम्मेदारियों के साथ साथ
उठा लेगी दायित्व सारे/पराये घर के भी।
बेटियाँ
यदि ताड़ की तरह बढती है
तो/छतनार की तरह फैलती भी हैं।
मंजू अरुण
(सम्बोधन,कांकरोली)

12 टिप्‍पणियां:

अनिल रघुराज ने कहा…

आमीन...ऐसा ही होगा। तथास्तु...

mehek ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
mehek ने कहा…

sundar kavita ,hamesha aisa hi ho,yahi kamana karte hai.

सुजाता ने कहा…

तुम जाँचते रह जाओगे
और वह तुम्हारी तमाम परीक्षाओ को मुँह चिढाती
सिध्द कर देंगी/ अपनी सर्वश्रेष्ठता।
***********

बहुत खूब ! आपकी कामनाएँ पूर्ण हो ,बस बिटिया के बड़े होने तक आप अपना सकारात्मक रवैया बनाए रख पाएँ यही दुआ है ।

बेनामी ने कहा…

मंजू अरुण
(सम्बोधन,कांकरोली}
ko nari kavita blog kaa nimentran bhejna haen pataa dae email ka

"ρσωєя σƒ тяυтн ιѕ ωιтнιη мє..!" ने कहा…

great words....ek waqt tha jab betiyo k baare me suna tha ki wo beil buto ki tarah hoti hai..sahare pe palti hai par aaj jan kar acha laga ki wo kshitij hai...jiske neeche hazaro ko saharey milte hai.....
keep up d gud work.....

"ρσωєя σƒ тяυтн ιѕ ωιтнιη мє..!" ने कहा…

great words........

समय चक्र ने कहा…

बहुत सुंदर हमारी बेटियाँ हमारे परिवारों की शान रहे रचना बहुत उम्दा है आभार

Batangad ने कहा…

ऐसी ही होती है बेटियां। कभी मान ली जाती हैं-कभी दबा दी जाती हैं।

praveen ने कहा…

betiyan hoti he aisi hai hamesha.

श्रद्धा जैन ने कहा…

Betiyan shaan hoti hai maa baap ki Asshish ji aapke vicharon ne man bhaut bhavuk kar diya magar mujhe umeed hai ki betiyan har dil jeet lengi aur ke din aisa bhi aayega ki har beti ke janam par khushiyan manayi jayengi

Mugdha Singh ने कहा…

Aapki rachna padh kar behad khushi hui, main bhi ek beti hoon aur aapki rachna mein dub ke khud ko ek 'beti' ke roop mein aur achhe se siddh kar paun, koshish yahi rahegi. SHUKRIYA!