मैं आज से अपने ब्लाग की शुरुआत कर रहा हूं। इसके लिए यह पंक्तियां प्रस्तुत हैं-
गर चाहते हो देखना मेरी उड़ान को
तो जाओ पहले ऊंचा करो आसमान को
यक्ष प्रश्न यह है कि यह शेर किसका है ?
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SAMAGAM RANGMANDAL ,JABALPUR
4 टिप्पणियां:
भाई ये तो शेखर सुमन का शेर लगता है...!
गिरीश जी,
प्रतिक्रिया ह॒॓तू आभार,यह शेर आपके हमारे सूरज राय सूरज जी का है।शेखर सुमन जी ने प्रयोग अलबत्ता कई बार किया है।
BADEE JALDEE JAWAB DIYAA APANE
ARE CHURKATON KO KHJANA THA N HAMEN BHAI
swagat hai apka
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