सोमवार, 28 नवंबर 2011
शुक्रवार, 25 नवंबर 2011
शुक्रवार, 5 दिसंबर 2008
गुरुवार, 27 नवंबर 2008
ठिठुरता माँगे एक मुठ्ठी धूप

फिर बम फटे,
निकली राजनैतिक फायदो की आग,
प्रत्यारोपो का धुँआ,
फिर खूब बिकें अखबार,
नपुंसक शांती के चीथडे,
फिर हुआ साफ,
मीडिया की कमाई का रास्ता,
टीम इंग्लैण्ड लौटी अपने घर,
मिला विराम खेलो को,
नए तरीके से खेले जाएगे,
मिला विषय चाय के ठेलो को,
उपजी पुनः चिंता की रेखाएँ नेताओ की तोंदो पर,
फिर गिरी गाज,
वादो का ईसबगोल तलाशती चमचो की फोजो पर,
इसी दौरान बढा लिया लोकतंत्र ने अपना ईमान,
शांतीपूर्ण संपन्न हुआ मतदान,
निकल आए चमनप्राश के डिब्बे,
मूक लोग कंबलो में दुबके,
गजब ठंड है,अबके।।
शुक्रवार, 21 नवंबर 2008
विवेचना रंगमण्डलःराष्ट्रीय नाट्य समारोह
विवेचना रंगमण्डलःराष्ट्रीय नाट्य समारोह
परफार्मिंग आर्ट पर छायाचित्र प्रतियोगिता
विवेचना रंगमण्डल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय नाट्य समारोह कर अन्तर्गत रंगमण्डल एंव मिलन फोटोग्राफिक सोसाइटी(मिफोसो) संयुक्त रुप से एक छायाचित्र प्रदर्शनी एंव प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है। प्रतियोगिता का विषय है॑ परफार्मिंग आर्ट इसके अन्तर्गत छायाकार नाटक,नृत्य,समूह नृत्य,नुक्कड नाटक आदि अन्य कला विषयो पर आधारित कलात्मक छायाचित्र कम से कम 8 गुणा 12 आकार व अधिकतम 12 गुणा 15 आकार में 25 दिसम्बर तक जमा कर सकते है। रुप फोटो ग्राफर्स,चौथा पुल,सौरभ स्टूडियो,भातखंडे स्कूल के पास एंव आकार स्टूडियो,बस स्टेंड में जमा करा सकते है।
विवेचना के राष्ट्रिय नाट्य समारोह में मंचित होने जा रहें नाटको की सूची इस प्रकार हैः
दिनाँक नाटक प्रस्तुति लेखक निर्देशक
3/1/9 - हयवदन - होम सांईस कालेज,जबलपुर - गिरीश कर्नाड - आशीष पाठक.
(7.30pm)
(8.30pm) - मधुशाला - गुडी,रायगढ - हरिवंशराय बच्चन - योगेन्द्र चौबे.
4/1/9 - एनांयस - बाम्बे थियेटर कम्पनी,मुंबई- सैम बाँबरिक -शेख समी उस्मान.
(7.30pm)
5/1/9 -पाँपकार्न -समागम रगंमंडल,जबलपुर -आशीष पाठक - आशीष पाठक.
(7.30pm)
(8.30pm) -भागीरथ के बेटे -विनोद रस्तोगी स्मृति,इलाहाबाद -विनोद रस्तोगी -................... .
6/1/9 -नमक मिर्च -AK various,मुंबई -शौकत थानवी -सुमित व्यास,
(7.30pm) शिवानी टकसाले.
7/1/9 - गोदान -मंच,मुबंई -प्रेमचंद -विजय कुमार.
(7.30pm)
(8.30pm) - अब हम बिहार से चुनाव लडेंगें -मंच,मुबंई -हरिशंकर परसाई -विजय कुमार.
8/1/9 -फादर -दोस्त,भोपाल -आँगस्ट स्ट्राईनबर्ग - आलोक चटर्जी.
इस वर्ष के विवेचना रंग सम्मान से विख्यात अभिनेता/निर्देशक श्री आलोक चटर्जी को सम्मानित किया जावेगा।
नाट्य समारोह के आमत्रंण/भागीदारी/ प्रतियोगिता/नाटको सम्बधित जानकारियो हेतु सम्पर्क करेः
१. श्री अरुण पाण्डे 09893702736
२.श्री आशुतोष द्विवेदी 09425324635
३.श्री नवीन चौबे 09425386810
४.आशीष पाठक 09301111263
परफार्मिंग आर्ट पर छायाचित्र प्रतियोगिता
विवेचना रंगमण्डल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय नाट्य समारोह कर अन्तर्गत रंगमण्डल एंव मिलन फोटोग्राफिक सोसाइटी(मिफोसो) संयुक्त रुप से एक छायाचित्र प्रदर्शनी एंव प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है। प्रतियोगिता का विषय है॑ परफार्मिंग आर्ट इसके अन्तर्गत छायाकार नाटक,नृत्य,समूह नृत्य,नुक्कड नाटक आदि अन्य कला विषयो पर आधारित कलात्मक छायाचित्र कम से कम 8 गुणा 12 आकार व अधिकतम 12 गुणा 15 आकार में 25 दिसम्बर तक जमा कर सकते है। रुप फोटो ग्राफर्स,चौथा पुल,सौरभ स्टूडियो,भातखंडे स्कूल के पास एंव आकार स्टूडियो,बस स्टेंड में जमा करा सकते है।
विवेचना के राष्ट्रिय नाट्य समारोह में मंचित होने जा रहें नाटको की सूची इस प्रकार हैः
दिनाँक नाटक प्रस्तुति लेखक निर्देशक
3/1/9 - हयवदन - होम सांईस कालेज,जबलपुर - गिरीश कर्नाड - आशीष पाठक.
(7.30pm)
(8.30pm) - मधुशाला - गुडी,रायगढ - हरिवंशराय बच्चन - योगेन्द्र चौबे.
4/1/9 - एनांयस - बाम्बे थियेटर कम्पनी,मुंबई- सैम बाँबरिक -शेख समी उस्मान.
(7.30pm)
5/1/9 -पाँपकार्न -समागम रगंमंडल,जबलपुर -आशीष पाठक - आशीष पाठक.
(7.30pm)
(8.30pm) -भागीरथ के बेटे -विनोद रस्तोगी स्मृति,इलाहाबाद -विनोद रस्तोगी -................... .
6/1/9 -नमक मिर्च -AK various,मुंबई -शौकत थानवी -सुमित व्यास,
(7.30pm) शिवानी टकसाले.
7/1/9 - गोदान -मंच,मुबंई -प्रेमचंद -विजय कुमार.
(7.30pm)
(8.30pm) - अब हम बिहार से चुनाव लडेंगें -मंच,मुबंई -हरिशंकर परसाई -विजय कुमार.
8/1/9 -फादर -दोस्त,भोपाल -आँगस्ट स्ट्राईनबर्ग - आलोक चटर्जी.
इस वर्ष के विवेचना रंग सम्मान से विख्यात अभिनेता/निर्देशक श्री आलोक चटर्जी को सम्मानित किया जावेगा।
नाट्य समारोह के आमत्रंण/भागीदारी/ प्रतियोगिता/नाटको सम्बधित जानकारियो हेतु सम्पर्क करेः
१. श्री अरुण पाण्डे 09893702736
२.श्री आशुतोष द्विवेदी 09425324635
३.श्री नवीन चौबे 09425386810
४.आशीष पाठक 09301111263
मंगलवार, 12 अगस्त 2008
मंगलवार, 29 जुलाई 2008
हे प्रभु।। हे नायिका।।

हे प्रभु।। हे नायिका।।
ह्रदय गीत की आहट सुन,
हे चंचल सुन हो रवि किरण तुम,
जाग्रत प्रातः का जाग्रत मन,
तुम तुम और केवल तुम।।
मूक शब्दावली नहीं मनः धुन,
सितार झनक नही झंकार तुम,
निराकार संगीत का आकृत तन,
तुम तुम और केवल तुम।।
चहक महक सब मोती संग बुन,
गायक मै और श्रोता तुम,
कभी नीर क्षीर कभी चंदन वन,
तुम,तुम और केवल तुम।।
पर्वत मिलन को आतुर घन,
ह्रदयगीत का माधुर्य तुम,
गेय पद और गायक जन,
तुम,तुम और केवल तुम।।
शांत,दक्ष,योग्य और सारे गुण,
मै विश्लेषक विशेष हो तुम,
कोसो दूर कभी निकटता का फन,
तुम,तुम और केवल तुम।।
प्रभु,नायिका दोनो ही अब तक अप्राप्त।। प्राप्ति पर सिर्फ संतुष्टि देते,जो मेरे काम आती।।नहीं मिले तो कविता,सबके काम की,आलोचक बघिया उधेडेंगें,ब्लागर टिपण्णी करेंगे.........................................
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